दोस्तों ये तो आप जानते ही है कि आज के समय में हमारी साइंस कितनी तरक्की कर चुकी है आज उन सभी बीमारियों का इलाज़ संभव हो चुका है जिनका इलाज़ कुछ सालो पहले नामुमकिन था ! आज साइंस की वजह से लोगो को जीवन दान मिला है केवल इतना ही नहीं बल्कि एक बार फिर से मेडिकल साइंस ने एक ऐसा कारनामा कर दिखाया है जिसे मरीजो को नया जीवन दान मिला है ! बता दें कि इतिहास में पहली बार डाक्टरों ने इंसान के अन्दर सुअर की किडनी को सफलता पूर्वक ट्रांसप्लांट किया है !

अमेरिका ने दुनिया में पहली बार एक सुअर की किडनी को मानव शरीर में सपलतापूर्वक ट्रांसप्लांट किया है। ये सफल ऑपरेशन अमेरिका के न्यूयॉर्क शहर के एनवाईयू लैंगोन हेल्थ मेडिकल सेंटर अस्पताल के सर्जन डॉक्टरों ने किया है। सबसे चौंकाने वाली बात ये बै कि सुअर की किडनी इंसान के शरीर में अच्छे से काम भी कर रही है। इस ऑपरेशन को लीड करने वाले सर्जन ने कहा है कि ये एक चमत्कार है, जिससे भविष्य में मानव अंगों की हो रही कमी को दूर किया जा सकता है और जरुरतमंद लोगों के लिए ये फायदेमंग साबित होगा।

सुअर पर काफी दिनों से किया जा रहा था रिसर्च अमेरिका समेत दुनियाभर के कई डॉक्टर सुअर के अंगों पर काफी दिनों से रिसर्च कर रहे थे। न्यूयॉर्क शहर के एनवाईयू लैंगोन हेल्थ मेडिकल सेंटर में ये ऑपेशन 15 सितंबर को की गई थी। डॉक्टरों ने ये सर्जरी एक ब्रेड डेड मरीज पर की है। ब्रेन डेड मरीज के परिवार वालों ने इस वैज्ञानिक प्रकिया को आगे बढ़ाने के लिए अनुमति दी थी।

मानव शरीर में सुअर की किडनी सही तरीके से कर रही है काम न्यूयॉर्क यूनिवर्सिटी (एनवाईयू) लैंगोन में ट्रांसप्लांट इंस्टीट्यूट के निदेशक रॉबर्ट मोंटगोमरी ने कहा है कि सुअर की किडनी मानव शरीर में वैसे की काम कर रही है, जैसे उसे करना चाहिए था। रॉबर्ट मोंटगोमरी ने कहा, “सुअर की किडनी ने मानव शरीर में वही किया जो इसे करना चाहिए था। इसने अपशिष्ट को हटाया और यूरिन बनने दिया।” रॉबर्ट मोंटगोमरी ने बताया कि इस सर्जरी को पूरा करने में लगभग दो घंटे का वक्त लगा।

डॉक्टरों ने कैसे किया ये चमत्कार बता दें कि सुअर की कोशिकाओं में एक शुगर होता है, जो इंसानी शरीर को स्वीकार नहीं करता है। इसलिए इससे पहले जितने भी प्रयास हुए थे वो सब असफल हो गए थे। इस बात का ध्यान रखते हुए डॉक्टरों ने इस बार स्पेशल मोडिफाइड जीन वाले सुअर की किडनी का इस्तेमाल किया था। मोडिफाइड जीन वाले सुअर के सेल में मौजूद उस शुगर को पहले ही खत्म कर दिया गया था। इसके अलावा सुअर में इम्यून सिस्टम के हमले से बचने के लिए कुछ जेनेटिक बदलाव किए गए थे।

Leave a comment

Your email address will not be published.