मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि 2 महीने बाद नया वर्ष आने वाला है और नाये वर्ष के साथ ही लोगो को नई उम्मीदें भी होती है ऐसा अक्सर सभी के मन में होता है जहां तक हमारा मानना है कि इस जीवन में कई समस्यायें हम लोगो को होती है जिनसे सामना करने के लिये ईश्वर हमे हिम्मत देता है और हम लोग भी उनकी पूजा-अर्चना करने में कोई कमी नही छोड़ते है अगर हम पूजा की बात करें, तो आने वाले नये वर्ष से पहले यानी 4 नवम्बर 2021 को दिपावली का पर्व आने वाला है, जिसमें माता लक्ष्मी की पूजा-अर्चना का विशेष महत्व माना गया है। इस दिन पूरे विधि-विधान से देवी की पूजा-अर्चना करने पर देवी की कृपा अवश्य मिलती है।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि अगर पूजा में देवी-देवताओं की प्रिय वस्तुएं भी शामिल की जाएं तो यह और भी शुभ माना जाता है। इसी क्रम में आज हम आपको 5 ऐसे पुष्पों के संबंध में बताने जा रहे हैं, जो देवी लक्ष्मी को बहुत ही प्रिय है और इनको पूजन में प्रयोग करने का बहुत महत्व है। वहीं इन पुष्पो को दिपावली के दिन लक्ष्मी पूजन में शामिल करने से देवी मां की विशेष कृपा मिलती है। आज हम जिन पुष्पों की बात कर रहे है, वो कुछ कुछ इस प्रकार से है………….

नीले गुड़हल: नीला रंग धन का प्रतीक माना जाता है और देवी लक्ष्मी धन की देवी है। इसलिए, देवी लक्ष्मी की पूजा में नीले रंग के गुड़हल के फूल शामिल करना बहुत अच्छा होता है।

सफेद कनेर: देवी लक्ष्मी धन-धान्य के साथ-साथ सुख और शांति की भी प्रतीक है, इसलिए देवी को सफेद रंग के फूल चढ़ाना शुभ होता है। दिवाली की पूजा में सफेद कनेर जरूर शामिल करें।

कमल: कमल देवी लक्ष्मी के सबसे प्रिय फूलों में से एक है। कमल के फूल पर ही देवी का वास माना जाता है, इसलिए दिवाली पर पूजा के दौरान देवी को कमल का फूल चढ़ाना बेहद शुभ होता है।

लाल गुलाब: देवी को लाल रंग के वस्त्र और फूल चढ़ाना अच्छा माना जाता है। खासतौर पर सुहागन स्त्रियों को पूजा के समय देवी को लाल गुलाब या लाल रंग के कोई भी फूल चढ़ाना चाहिए।

गेंदा: पीले रंग के फूल भगवान विष्णु को बहुत ही प्रिय माने जाते हैं। इसी कारण से यह फूल देवी लक्ष्मी को भी प्रिय है। दिवाली की पूजा में देवी लक्ष्मी के साथ विष्णु को विराजित कर गेंदे के पीले फूल चढ़ाना चाहिए।

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