मित्रों जैसा की आप सभी अवगत ही होगें कि शास्त्रों में दान का विशेष महत्व माना गया है, यहां तक कि कलयुग में दान को ही मनुष्य जीवन के कल्याण का मार्ग बताया गया है, पर कुछ चीजों का दान करने से जीवन पर नकारात्मक असर पड़ता है, इन चीजों का दान करने से परहेज करना चाहिए, दान को सभी धर्मों में कल्याणकारी माना गया है। आपको बता दें कि सनातन धर्म में चारों युगों में अलग-अलग कर्मों की विशेषता बताई गई है। जिसके अनुसार सतयुग में तप, त्रेता में ज्ञान, द्वापर में यज्ञ और कलयुग में एकमात्र दान ही है जो मनुष्य का कल्याण कर सकता है।

आपकी जानकारी के लिये बता दें कि हर व्यक्ति को जीवन में दान अवश्य करना चाहिये। हालाकि दान करने से पहले कुछ नियमों को जान लेना अतिआवश्यक है। दान हमेशा श्रद्धापूर्वक और विनम्रता के साथ करना चाहिए, साथ ही जितना संभव हो, दान को उतना गुप्त रखें, गुप्त दान को सर्वश्रेष्ठ दान माना जाता है,  दान के बाद व्यक्ति को किसी तरह की अपेक्षा नहीं रखनी चाहिए, इसके अतिरिक्त कुछ ऐसी चीजें हैं, जिनका दान नही किया जाना चाहिये। वो वस्तुयें कुछ इस प्रकार से है…..

पहला : ज्योतिष की मानें तो हमें स्टील के बर्तनों का दान नहीं करना चाहिए खासतौर से जो बर्तन आपके घर में रखे हुए हैं, उनके दान से बचना चाहिए, इससे परिवार की सुख समृद्धि पर बुरा असर पड़ सकता है।

दूसरा :  अन्न जल को महादान की श्रेणी में रखा जाता है, इसलिए जरूरतमंद और गरीबों को भोजन कराएं और अनाज का दान करें, लेकिन हमेशा ताजा भोजन ही कराना चाहिए, बासा खाना किसी को दान स्वरूप न दें, इसे अशुभ माना जाता है, जबकि जरूरतमंद को अन्न दान करने और ताजा खाना खिलाने से आपका भाग्य चमकता है।

तीसरा : झाडू को लक्ष्मी का रूप माना जाता है, ये घर से दारिद्र को दूर करती है, इसलिए झाडू कभी किसी को दान में नहीं देनी चाहिए, ज्योतिषाचार्य की मानें तो झाड़ू को दान में देने से आर्थिक नुकसान होने लगता है, जिसके कारण परिवार के लिए मुश्किलें पैदा होती हैं।

चौथा : किसी जरूरतमंद को कॉपी किताबें, ग्रंथ आदि पाठ्य सामग्री दान करना बहुत शुभ माना जाता है, लेकिन ये चीजें फटी हुई नहीं होनी चाहिए, आप या तो विद्यार्थी को नई कॉपी और किताबें दान करें, या किताबों की अच्छे से मरम्मत करवाने के बाद दान करें, ताकि ये किसी के काम आ सकें, तभी इस दान का महत्व है, याद रखिए दान करते समय व्यक्ति की मंशा हमेशा साफ होनी चाहिए।

पांचवा : शनिवार के दिन अक्सर लोग तेल का दान करते हैं, लेकिन ये तेल शुद्ध होना चाहिए, यानी ऐसा तेल न हो, जिसका आप उपयोग कर चुके हों, अगर आपने इस्तेमाल किया हुआ तेल दान के लिहाज से किसी को दिया तो इसका कोई महत्व नहीं है, साथ ही ये विपरीत परिणाम लेकर आता है।

छठवा : प्लास्टिक की चीजों का दान करने से भी बचना चाहिए, माना जाता है कि प्लास्टिक का दान व्यापार को प्रभावित करता है, इसके अलावा नुकीली वस्तुएं जैसे, चाकू, कैंची, तलवार आदि वस्तुओं का दान करने से भी परिवार की सुख शांति भंग हो सकती है, इसलिए कोई भी नुकीली चीज दान न करें, यदि किसी को इसकी आवश्यता है, तो उसे खरीदवा सकते हैं, लेकिन दान के लिहाज से न दें।

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