दोस्तों राजनीति से जुड़े लोगो का नाम अक्सर बहुत से मामलो से जोड़ा जाता है .और बहुत से मामलो और घोटालो की वजह से इन पर बहुत से केस किये जाते है .जो सालो अदालत में चलते रहते है .इनमे से कुछ के फैसले हो जाते है और इन्हें थोड़ी बहुत सजा भी मिल जाती है .लेकिन कुछ केस ऐसे भी होते है जिसकी सुनवाई सालो बाद होती है .आज हम आपको ऐसे ही एक मामले की जानकारी देने वाले है .जिसकी वजह से बढ़ने वाली है सांसद की समस्या .

सीतापुर जेल में बंद समाजवादी पार्टी के सांसद आजम खान की मुश्किलें बढ़ती नजर आ रही हैं. उन पर 14 साल पुराने एक और मुकदमे में चार्ज फ्रेम हो गए हैं. अब इस मुकदमे में गवाहों के आधार पर सुनवाई की जाएगी. कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 11 नवंबर की तारीख दी है. 

मायावती से जुड़ा है मामला

रामपुर के एमपी एमएलए कोर्ट से आजम खान के ऊपर दर्ज एक मुकदमे में चार्ज फ्रेम हो गए हैं. यह मुकदमा 2007 का है. तब आजम खान पर टांडा में एक जनसभा के दौरान तत्कालीन मुख्यमंत्री मायावती (BSP Supremo Mayawati) का बिना नाम लिए जाति सूचक शब्दों का प्रयोग करने का आरोप लगा था. इसमें धारा 504, धारा 171 और एससी एसटी एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज हुआ था. जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण कुमार सक्सेना ने बताया कि मुकदमे में सपा सांसद पर आरोप तय हुए हैं. 

प्रशासन ने छीन ली रामपुर वाली यूनिवर्सिटी की जमीन


मोहम्मद अली जौहर यूनिवर्सिटी की जमीन को लेकर भी आजम खान को बड़ा झटका लगा है. दरअसल, उपजिलाधिकारी की कोर्ट ने आजम खां के जौहर ट्रस्ट की अपील (Revision Petition) को खारिज कर दिया है. एसडीएम की कोर्ट ने तहसीलदार की अदालत द्वारा दिए गए चकरोड की जमीन से कब्जा हटाने के आदेश को सही माना है. तहसीलदार कोर्ट के इस आदेश के खिलाफ जौहर ट्रस्ट ने राजस्व परिषद में याचिका दायर की थी, जिसे राजस्व परिषद ने खारिज कर दिया था. पिटीशन के खारिज होने के बाद में प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए 17.5 बीघा जमीन का चिन्हीकरण कर उस पर कब्जा ले लिया था. अब इस पूरी जमीन को ग्राम समाज के नाम कर दिया गया है और इसकी सुपुदर्गी आलियागंज के प्रधान को दे दी गई है.

कई मामलों में दर्ज है केस


बता दें कि आजम खान के खिलाफ 100 से ज्यादा मुकदमे दर्ज हो चुके हैं. वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला पर भी कई मामलों में केस दर्ज हैं. जमीन हड़पने, फर्जी कागजात बनवाने समेत अन्य कई मामलों में उत्तर प्रदेश की अलग-अलग अदालतों में केस चल रहे हैं. लंबे वक्त से दोनों उत्तर प्रदेश की सीतापुर जेल में बंद हैं. हाल ही में जब आजम खान की तबीयत बिगड़ी तो उन्हें लखनऊ के मेदांता अस्पताल में शिफ्ट किया गया था. हालांकि, स्वास्थ में सुधार होने के बाद उन्हें वापस जेल में शिफ्ट कर दिया गया था. बता दें कि बीते साल दिसंबर में ही आजम खान की पत्नी तजीन को जमानत मिली थी और वह जेल से बाहर आई थीं.

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