दोस्तों स्वास्थ्य खराब होने पर सभी को अस्पताल जाना पड़ता है .जांच करवाने के बाद यदि समस्या कम हो तो दवाए देकर हमे घर भेज दिया जाता है .लेकिन कभी कभी हालात इतने बिगड जाते है कि अस्पताल में भर्ती भी करना पड जाता है . और कभी कभी तो दुसरे शहर में किसी बड़े अस्पताल में रैफर कर दिया जाता है .जिसमे मरीज दूसरी जगह लेजाने में दिक्कते होती है .ऐसे में प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन के तहत केंद्र सरकार देश में कंटेनर आधारित दो सचल अस्पताल बनवाने वाली है . इसकी जानकारी खुद केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री मनसुख मांडविया ने दी है .इन अस्पतालों में100-100 बेड के साथ और बहुत सी स्वास्थ्य सुविधाएं मौजूद होगी .

इन्हें आपात स्थिति में किसी भी स्थान पर ले जाया जा सकेगा।

मांडविया ने बताया कि इनमें से एक अस्पताल दिल्ली और एक चेन्नई में स्थापित किया जाएगा। इन अस्पतालों को आपात स्थिति में हवाई मार्ग से या ट्रेन के जरिये कहीं भी ले जाया जा सकता है।उन्होंने कहा, ‘केंद्र सरकार ने स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र के प्रति ‘प्रतीकात्मक’ नहीं, बल्कि ‘समग्र’ दृष्टिकोण अपनाया है।’ उन्होंने कहा कि कोरोना महामारी ने स्वास्थ्य सेवा संबंधी बुनियादी ढांचे में सुधार करने का अवसर दिया है और इसके लिए 64,000 करोड़ रुपये के निवेश के साथ ‘प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन’ की शुरुआत की गई।

जायकोव-डी की कीमत पर विचार-विमर्श जारी

मांडविया ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि बच्चों के टीके जायकोव-डी की कीमत पर विचार-विमर्श चल रहा है। उन्होंने कोरोना के नए स्वरूप एवाई.4.2 के बारे में कहा कि भारतीय चिकित्सा अनुसंधान परिषद (आइसीएमआर) और राष्ट्रीय रोग नियंत्रण केंद्र (एनसीडीसी) के दल संक्रमण के विभिन्न स्वरूपों का अध्ययन एवं विश्लेषण कर रहे हैं।

1.5 लाख आरोग्य केंद्र बनाने की योजना

मांडविया ने यह भी कहा कि देश में लगभग 79,415 स्वास्थ्य और आरोग्य केंद्र संचालित किए जा रहे हैं और इस प्रकार के कुल 1.5 लाख केंद्र संचालित करने की योजना है। उन्होंने कहा कि हर स्तर पर अच्छी प्रयोगशालाएं होनी चाहिए, भले ही वह जिला स्तर हो या राष्ट्रीय स्तर।

हर जिले में औसतन करीब 100 करोड़ रुपये किए जाएंगे खर्च

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री आयुष्मान भारत स्वास्थ्य अवसंरचना मिशन एक ऐसी ‘महत्वपूर्ण योजना है, जिसके तहत एक जिले में औसतन 90 से 100 करोड़ रुपये का खर्च स्वास्थ्य संबंधी बुनियादी ढांचे पर खर्च किया जाएगा जिसकी मदद से हम आने वाले समय में किसी भी आपदा से लड़ने में सक्षम होंगे।’ उन्होंने कहा, ‘इस योजना के तहत जिला स्तर पर 134 प्रकार की जांच नि:शुल्क की जाएंगी, जो एक बड़ा कदम है।’

Leave a comment

Your email address will not be published.