दोस्तों अपर्णा यादव राजनेता और सामाजिक कार्यकर्ता हैं.अपर्णा यादव पूर्व मुख्यमंत्री मुलायम सिंह यादव की बहु और प्रतीक यादव की पत्नी है . अपर्णा यादव एक संगठन चलाती है है जिसका नाम baware है .और अपर्णा महिलाओ के अधिकारों और सशक्तिकरण के लिए कार्य करती है . मुलायम सिंह यादव के परिवार में सभी लोग राजनीती में है .अपने हाजिर जवाब होने के हुनर की वजह से अपर्णा हमेशा चर्चाओ में रहती है .एक बार फिर अपर्णा अपने बयानों की वजह से सुर्खियों में आ गयी है .एक इंटरव्यू के दौरान अपर्णा ने परिवार और पार्टी को लेकर बहुत कुछ बताया .

एबीपी न्यूज़ के साथ बातचीत में उन्होंने बताया कि उनकी अखिलेश और मुलायम दोनों से बात होती है। पिछले कुछ समय से मुलायम की तबीयत ठीक नहीं है इसलिए उनसे बातें कम हो रही हैं।उन्होंने कहा कि वो आगामी विधानसभा चुनाव में प्रत्याशी बनना चाहती हैं। लेकिन इसका फैसला मुलायम और अखिलेश ही करेंगे। उन्होंने कहा कि अब तक टिकट को लेकर अखिलेश यादव से उनकी कोई बात नहीं हुई है।

अखिलेश और शिवपाल का गठबंधन – सपा और शिवपाल यादव की पार्टी के गठबंधन को लेकर अपर्णा ने कहा कि मैं चाहती हूं कि दोनों एक होकर चुनाव लड़ें। अपर्णा ने कहा, शिवपाल यादव समाजवादी पार्टी के लिए रीढ़ की हड्डी की तरह थे। अगर वह सपा के साथ मिलकर चुनाव लड़ते हैं तो पार्टी को निश्चित रूप से फायदा होगा।

अपर्णा ने बताया कि शिवपाल हमेशा मुलायम के साथ खड़े रहे। एक बार वह बचने के लिए बोरे में छिप गए थे और लाठियां खाईं थीं। यहां तक कि एक पुलिस इंस्पेक्टर ने उन्हें एक बार थप्पड़ मार दिया था। उन्होंने पार्टी के लिए बहुत संघर्ष किए हैं। लेकिन अखिलेश यादव की इच्छा पर ही गठबंधन का फैसला होगा।

क्या अपर्णा बनेंगी दोनों नेताओं को मिलाने की धुरी? – अपर्णा ने कहा कि मैंने दोनों लोगों को मिलाने की कोशिश की है, लेकिन उन्हें ही इसका भुक्तभोगी बनना पड़ा। उन्होंने कहा कि विधान सभा चुनाव 2017 में उन पर गलत टिप्पणी की गई थी, जिससे बेहद ठेस पहुंची थी। उस चुनाव ने बहुत कुछ सिखाया भी है। बकौल अपर्णा, मैं पिछला चुनाव जीत सकती थी लेकिन पार्टी के बीच हुए बिखराव के कारण मुझे हार का सामना करना पड़ा था।

गौरतलब है कि शिवपाल यादव ने हाल में ही दिए गये एक इंटरव्यू में कहा कि राजनीति में संभावनाएं कभी खत्म नहीं होती। हमारा यह प्रयास है और हमारी प्राथमिकता भी है समाजवादी पार्टी से गठबंधन हो । वहीं सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने चाचा से गठबंधन को लेकर साफ तौर पर कुछ नहीं कहा है।

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