कहते हैं प्यार को दुनिया की कोई ताकत या दीवार नहीं रोक सकती है. प्रेम को लेकर अक्सर हमे कोई न कोई अटपटे किस्से देखने या सुनने को जरुर मिलते ही हैं. इन कहानियों में अगर किसी के प्यार का दुखद अंत होता है.

तो वहीँ किसी को उसका प्यार हमेशा हमेशा के लिए मिल भी जाता है. एक ऐसा ही किस्सा हाल ही में सामने भी आया है जहाँ एक लड़की ने धर्म की परवाह ना करते हुए अपने प्रेमी को पा लिया.

दरअसल यह लड़की कहीं और की नहीं बल्कि पड़ोसी देश पाकिस्तान से है जबकि उसका प्रेमी हमारे भारत के मुंबई का रहने वाह है. लड़की ने अपने प्यार को हासिल करने के लिए जिस तरह से अपना सफ़र तय किया, वह सच में आपके लिए ताज्जुब का वाक्या है.

यह बात उस वक्त सामने आई जब सोशल मीडिया पर उनकी ‘लव स्टोरी’ के किस्से वायरल होने लगे. पाकिस्तान की इस लड़की का नाम साराह हुसैन है. साराह की यह खूबसूरत लव स्टोरी शुरू होती है, वहां से जब वे शादी के लिए भारत आती है. वे पाकिस्तान से भारत में रहने वाले अपने रिश्तेदार के यहां आती हैं. यहां उनकी मुलाकात मुस्तफा दाऊद से होती है और दोनों में प्यार हो जाता है. लेकिन इनके प्यार का असल इम्तिहान तो आगे शुरू होना था.

बता दें ‘Humans of Bombay’ नामक फेसबुक पेज में आए दिन किसी न किसी प्रेमी जोड़े की कहानी को साझा किया जाता है. ऐसे में उन्होंने इस पाकिस्तानी लड़की और उसके भारतीय बॉयफ्रेंड के बारे में फैन्स से शेयर किया है. पेज पर साफ़ बताया गया कि कैसे एक साधारण सी कराची की रहने वाली लड़की के दिलों-ज़हन में मुंबई का लड़का बस गया था और वह सब मुश्किलें पार करके जैसे-तैसे भारत पहुँच गयी.

उनकी यह स्टोरी तमाम लोगों ने पसंद की है.तो जानना चाहेंगे साराह की मोहब्बत की ये दिलचस्प कहानी..? चलिए बताते हैं. दरअसल, साराह जब इंडिया आती है तो उन्हें मुस्तफा दाऊद से मिलाया जाता है.धीर-धीरे दोनों में बातचीत शुरू हो जाती है. फिर कुछ मुलाकात और होती है और बात शादी तक पहुंचती है. साराह और मुस्तफा को लगता है कि दोनों एकदूजे के लिए ही बने हैं. साराह मुस्तफा दाऊद से शादी कर लेती है और मुंबई में आकर रहने लगती हैं.

हालाँकि सराह और मुस्तफा की शादी तो हो गई लेकिन इसके बाद भी उनकी लाइफ आसान नहीं रही थी. जब साराह भारत आई तो यहाँ आकर सबसे पहले उन्हें घंटों खड़े रह कर सिक्यूरिटी और कस्टम चेक के राउंड से गुज़रना पड़ा. हालाँकि एक नव-विवाहित दुल्हनिया के लिए इतने रूल्स फॉलो करने काफी कठिन होता है. जहाँ साराह ने कभी पाकिस्तान से कभी बाहर कदम तक नहीं रखा था.

वहीँ वह सरहद पार करके अपने मुस्तफा के पास दौड़ी चली आई थी. ऐसे में आप भारत आने के बाद फेस की गई उनकी प्रॉब्लम का अंदाजा लगा सकते हैं. तहकीकात के लिए साराह को इतने वक्त तक रुकना पड़ा कि उनको ऐसा लगा जैसे उनका हनीमून सरकारी दफतरों में ही होगा. शादी के दो महीने बाद ही वो पति के साथ मुंबई आकर रहने लगी. जीवन की गाड़ी जैसे ही ट्रैक पर चलनी शुरू हुई, साराह के पति मुस्तफा की जॉब चली गई. ऐसे वक्त में उनके साथ कोई खड़ा नजर नहीं आया.

लेकिन वो कहते हैं ना कि बुरे समय में ही हम इंसानों को अच्छे और बुरे लोगों की समझ होती है, ठीक वैसे ही सारह और मुस्तफा को भी समझ आ गया था कि अब कौन उनका अपना है और कौन प्राय है. इस वक़्त के झोके ने दोनों का जीवन पूरी तरह से स्पोइल कर दिया था. दोनों ने जैसे-तैसे खुद को संभल कर जॉब्स ढूँढनी शुरू कर दी लेकिन यहाँ भी उन्हें हार ही नसीब हुई.

आखिरकार वक़्त के साथ साथ सारह डिप्रेशन की मरीज बन गयी और तीन महीने तक सीरियस डिप्रेस्ड भी रहीं. इसका जिक्र साराह ने कभी अपने घर में नहीं किया. वह रात भर रोती और पति मुस्तफा उस वक्त परेशान रहते थे. खाने तक के पैसे नहीं रह गए थे. रोज की तरह रात को दोनों जब पैदल घूमने निकलते थे तो एक ही आइसक्रीम शेयर किया करते थे.

उस वक्त साराह ने दुख की घड़ी को दूर करने के बारे में सोच लिया. साराह ने सोचा अब जो है वो मुस्तफा ही हैं. ऐसे वक्त में मुस्तफा का सहारा बनूं, जिसके बाद उन्हें आईडिया आया कि क्यों न पाकिस्तान में जो वो मेक-अप आर्टिस्ट का काम किया करती थीं, वहीं शुरु किया जाए.

साराह ने इस बारे में मुस्तफा से बात की और दोनों ने मिलकर इसकी मार्केटिंग करना शुरू किया. आइडिया हिट हो गया.उन्हें अच्छे खासे क्लाइंट्स मिलने शुरू हो गए. इसके बाद साराह ने हर मौकों पर मुस्तफा का साथ दिया और दोनों की जिंदगी फिर ट्रैक पर लौट आई. अब साराह मेक-अप आर्टिस्ट का काम करती हैं और मुस्तफा उनकी इस बिजनेस में मदद करते हैं. दोनों इसी से अपना घर चला रहे हैं.

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